वो खुशी की नहीं… दर्द छुपाने की आदत है।
और पागल इतनी है कि फिर से यकीन कर लेते हैं…!
कोई समझे तो दिल की चुप्पी भी बहुत कुछ कहती है,
तुझे देख बिना ये चेहरा खिल नहीं सकता।।
ज़िन्दगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा,
तुम्हारी बातोँ में मेरा जिक्र भी आता होगा,
क्योंकि Sad Shayari in Hindi भीड़ में भी मेरे अपने नहीं थे।
मैं फिर से निकलूंगा तेरी तलाश मैं ए-जिंदगी,
क्यों नहीं समझ पाई मेरी मोहब्बत के राज़।
रिश्ते निभाने की उम्मीद हमसे ही क्यों,
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
ये नज्में गजले छोड़ो तुम्पर किताब लिख देता हु…!!!
अच्छे होते हैं वो लोग जो आकर चले जाते हैं,
अजीब मुक़ाम से गुजरा है क़ाफ़िला ज़िंदगी का ,